
(वृजेश कुमार रिपोर्ट सोनभद्र)
सोनभद्र। नवसृजित ब्लॉक कोन अंतर्गत ग्राम पंचायत करहिया के दो राजस्व गांव—वासिन और नवा टोला वासिन—आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। चारों ओर से जंगल से घिरे इन गांवों की भौगोलिक स्थिति अत्यंत दुर्गम है। वासिन ग्राम पंचायत मुख्यालय करहिया से लगभग 10 किमी, ब्लॉक कोन मुख्यालय से 50 किमी, थाना विंढमगंज से 40 किमी दूर स्थित है। वहीं पूर्व ब्लॉक दुद्धी से इसकी दूरी करीब 20 किमी तथा महुली–जोड़कहु–करहिया मार्ग से लगभग 18 किमी है।
इसी समस्या को लेकर वासिन निवासी हुलसिया देवी ने मुख्यमंत्री पोर्टल (IGRS) पर शिकायत दर्ज कराते हुए महुली से जोड़कहु होते हुए जंगल के रास्ते वासिन तक सड़क निर्माण की मांग की है। उन्होंने बताया कि यदि जोड़कहु से वासिन तक मात्र 4 किमी लंबी सड़क का निर्माण करा दिया जाए, तो लगभग 2000 की आबादी को सीधा लाभ मिलेगा।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क बनने से बच्चों को रोजाना स्कूल आने-जाने में सुविधा होगी, साथ ही एम्बुलेंस, मोटरसाइकिल और अन्य छोटे चारपहिया वाहनों की आवाजाही संभव हो सकेगी। वर्तमान में बरसात के दिनों में रास्ता पूरी तरह खराब हो जाता है, जिससे ग्रामीणों को दुद्धी जाने के लिए लगभग 70 किमी की दूरी तय करनी पड़ती है।
हुलसिया देवी ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रस्तावित सड़क से पर्यावरण को कोई नुकसान नहीं होगा, क्योंकि ग्रामीण हर वर्ष बरसात के बाद स्वयं मोटरसाइकिल व छोटे वाहनों के लिए कच्चा रास्ता बना लेते हैं, जो बारिश में फिर खराब हो जाता है।
अब सवाल यह है कि मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत के बाद संबंधित विभाग धरातल की वास्तविक स्थिति का निरीक्षण कर सड़क निर्माण कराता है, या फिर कागजी रिपोर्ट में मामला सीमित कर दिया जाता है। वासिन और नवा टोला वासिन के ग्रामीणों को मुख्यधारा के विकास से जोड़ने की उम्मीद अब प्रशासनिक निर्णय पर टिकी हुई है।













